भारत में यहाँ पर अभी भी हो रहा है 500 और 1000 के पुराने नोटो का इस्तेमाल, पढ़ें…

नई दिल्लीः 2016 में 500 और 1000 के नोट बंद होने का आदेश दिया गया था जिसके बाद से लोगों ने इन नोटों को ब‍िल्‍कुल बेकार समझ ल‍िया था। लेकिन क्या आप जानते है कि आज भी इन पुराने नोटो का इस्तेमाल हो रहा है। जी हां इनका इस्तेमान आज भी तमिलनाडु की राजधानी चेन्न्नई की पुझाल केंद्रीय जेल में हो रहा है। यहां पर स्‍टेशनरी में ये नोट एक खास भूम‍िका न‍िभा रहे हैं। इन पुराने नोटो से यहां स्टेशनरी का सामान बनवाया जा रहा है।

यह स्‍टेशनरी सरकारी व‍िभागों में इस्‍तेमाल की जाती है। जानें कैसे पुराने नोट से बनाई जाती है स्‍टेशनरीः- 500-1000 के नोटों की कतरन से सबसे पहले लुगदी बनवाई जाती फ‍िर उसे डाई में डाल मोल्ड किया जाता है। इससे वह हार्ड पैड्स में तब्दील हो जाते हैं। फाइल पैड के निर्माण में आधी सामग्री गत्ते की होती है। इन हार्ड पैड के कोनों पर लाल रंग का कपड़ा और फ‍िर कवर पर ‘अर्जेट’ और ‘ऑर्डिनरी’ जैसे टैग लगाए जाते हैं।

19-Dec

जानकारी के लिए बता दे कि- तमिलनाडु के जेल विभाग के प्रभारी डीआईजी ए. मुरगसेन का कहना है क‍ि रिजर्व बैंक ने उन्‍हें बेकार हुए नोटों की 70 टन कतरन का प्रस्ताव दिया है। अब तक 9 टन कतरन ली जा चुकी है। इसमें करीब डेढ़ टन प्रतिबंधित करेंसी से बड़ी संख्‍या में फाइल पैड बनवाए जा चुके हैं और नोटों की कतरन से पुझाल जेल में रोज करीब एक हजार फाइल पैड बन रहे हैं।

jan sangathan

Media/News Company

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Facebook Auto Publish Powered By : XYZScripts.com