जानें, LOHRI की पूजा विधि और पूजा का शुभ समय…

जालंधर। पंजाब में लोहड़ी को त्योहार बड़ी धूमधाम से मनाया जाता है। माना जाता है इस दिन साल का सबसे छोटा दिन और सबसे बड़ी रात होती है। बोनफायर के चारों तरफ लोग घूमकर नाचते हैं और अग्नि में प्रसाद डालते हैं। वैसे यह त्योहार पंजाबी लोग मनाते हैं लेकिन अब यह पर्व दिल्ली समेत कई क्षेत्रों में मनाया जाने लगा है।

19-Dec
इस पर्व को मनाने के पीछे खास वजह यह होती है कि इस दिन के बाद से किसानों के नए आर्थिक साल की शुरूआत होती है। पंजाब समुदाय के लोग इस पर्व को परिवार, दोस्तों और रिश्तेदारों के साथ मिलकर सेलिब्रेट करते हैं। बोनफायर के चारों तरफ लोग घूमकर नाचते हैं और अग्नि में प्रसाद डालते हैं। इसकी अग्नि में लोग घूम-घूमकर नांचते हैं साथ ही गुड़, रेवड़ी, गजक और फुल्ले का प्रसाद डालते हैं। पूजा करने के बाद लोग प्रसाद को बांटते हैं। इस दिन सरसों दा साग, मक्के की रोटी बनाई जाती है। कुछ लोग इस दिन तिल, गुड़ और चावल से बनी खीर खाते हैं।
यह पर्व नए विवाहित जोड़े और शिशुओं के लिए महत्वपूर्ण होता है। इस दिन छोटे बच्चे घर-घर जाकर लोहड़ी की बधाई मांगते हैं। लोग बच्चों को लोहड़ी बधाई के रूप में खाने-पीने के चीजें देते हैं।
कहा जाता है इस दिन किसान खेत में आग जलाकर अग्नि देवता से अपनी जमीन को आशीर्वाद देकर उसकी उत्पादन क्षमता बढ़ाने की प्रार्थना करता हैं।
शुभ मुहूर्त
लोहड़ी का शुभ मुहूर्त शाम को 6 बजे के बाद होता है। इस साल 13 जनवरी शनिवार को देश और विदेश में लोहड़ी का यह पर्व बड़ी धूमधाम के साथ मनाया जाएगा। इस त्योहार को आप सूर्यास्त के बाद थोड़ा अंधेरा होने के बाद यानी शाम 6 बजे के बाद कभी भी सेलिब्रेट कर सकते हैं।

jan sangathan

Media/News Company

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Facebook Auto Publish Powered By : XYZScripts.com