पूर्व इंस्पेक्टर इंदरजीत सिंह ड्रग केस में STF की तफतीश पर सवालिया निशान

लुधियानाः नशा तस्करों से मिलीभगत कर ड्रग्स का धंधा करने वाले पूर्व इंस्पेक्टर इंदरजीत सिंह ने एसटीएफ के खिलाफ आरोप लगाते हुए हेरोइन की बरामदगी को झूठा बताया है।

इंदरजीत सिंग ने 22 जून को मोहाली अदालत में केस से संबंधित 11 से 15 जून तक की सीसीटीवी फुटेज सुरक्षित रखने की अर्जी दी थी जिसे कोर्ट ने स्वीकार कर लिया था। 9 सितंबर को एसटीएफ के तफतीशी अफसर एसपी मुखविंदर सिंह ने अपने हस्ताक्षर में सीसीटीवी फूटेज को सुरक्षित रखने के अदालत के अादेशों की पालना पूरी तरह किए जाने पर लिखती दिया गया था। लेकिन फिर 6 दिसंबर को एसपी मुखविंदर ने सीसीटीवी फुटेज उपलब्ध न होने के बारे में कोर्ट को अवगत कराया।

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इस पर 2 जनवरी 2018 को पूर्व इंस्पेक्टर ने मोहाली अदालत में एसपी मुखविंदर सिंह के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। जिसकी सुनवाई 11 जनवरी को थी। जिसपर एसटीएफ द्वारा कोई जवाब पेश नहीं किया गया। एसपी मुखविंदर सिंह मैडीकल कारणों के कारण पेश नही हुए। एसटीएफ की तफतीश पहले ही शक के घेरे में होने के कारण एसटीएफ की मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही है और पूर्व इंस्पेक्टर इंदरजीत सिंह को इसका लाभ हो सकता है।

गौरतलब है कि पिछले 12 जून 2017 को STF की टीम ने जालंधर स्थित पुलिस लाइन से इंस्पेक्टर इंद्रजीत को दबोचा था और जालंधर और फगवाड़ा स्थित स्टाफ क्वाटरों से तलाशी लेने पश्चात भारी मात्रा में अलग-अलग बंदूकों और राइफलों के बड़े पैमाने पर कारतूस-ए के 47 राइफल और नशीले पदार्थो के साथ भारतीय और विदेशी करंसी भी बरामद हुई थी। इसी मामले में पुलिस ने इंस्पेक्टर इंद्रजीत सिंह के सहायक अजायब सिंह को भी गिरफ्तार किया था और दोनों को सरकारी सेवाओं से बरखास्त कर दिया था।

jan sangathan

Media/News Company

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