रसोई गैस सिलेंडर फटने से एक ही परिवार के पांच सदस्यों की दर्दनाक मौत

जयपुर (एसएस बठिंडा): शहर के विद्याधर नगर में स्थित ‘शांति कुंज’ में शुक्रवार आधी रात के बाद मौत का एेसा तांडव मचा कि परिवार के मुखिया और अगली पीढि़यों को लील गया। परिवार के सबसे बुजुर्ग सदस्य और उनके तीन पोते-पोतियों की मौत के साथ ही परिवार के एक अन्य सदस्य की भी मौत हो गई।

हादसा इतना भयावह था कि जब बंगले से बुरी तरह से झुलसे लोगों को निकाला गया तो स्थानीय लोगों के साथ ही पुलिस के कुछ अफसरों के भी आंसू निकलने लगे। देर रात दो बजे से तीन बजे के बीच जब यह हादसा हुआ तो पूरी कॉलोनी अपने-अपने घरों से बाहर आ गई और राहत एवं बचाव कार्य में जुट गई। हालांकि देरी से पहुंचने के चलते दमकम के कर्मचारियों और स्थानीय पुलिस को विरोध का सामाना करना पड़ा।

विद्याधर नगर पुलिस के अनुसार घटना देर रात दो बजे से तीन बजे के बीच घटित हुई। सेक्टर नौ में रहने वाले महेन्द्र गर्ग अपनी दो पोतियों अपूर्वा और अर्पिता के साथ ग्राउंड फ्लोर पर सो रहे थे। बताया जा रहा है कि देर रात संभवत: दादा महेन्द्र गर्ग के लिए हीटर ऑन किया होगा और उसके कुछ देर बाद ही बंगले में शॉर्ट सर्किट हुआ होगा।

19-Dec

मौके पर मौजूद पुलिस ने बताया कि ग्राउंड फ्लोर की पूरी वायरिंग जलकर नष्ट हो चुकी है। किचन और किचन के बाहर रखे दो सलेंडर भी धमाके के साथ फटे थे। पुलिस और फोरेंसिक टीम को मौके से सलेंडर के फटे टुकड़े भी मिले हैं। किचन और ग्राउंड फ्लोर में बने हॉल पूरी तरह से जलकर नष्ट हो चुका है। आग इतनी भयावह थी कि लोहे की एक अलमारी के अंदर रखे कपड़े और सामान तक राख हो गए।

दादा के लिए ग्राउंड फ्लोर पर सोयी थीं दोनों बहनें
स्थानीय लोगों ने बताया कि लोहे के बड़े कारोबारी महेन्द्र और उनके बेटे संजीव कई सालों से यहां रह रहे थे। संजीव की दो बेटियां अपूर्वा और अर्पिता अपने दादा का विशेष ख्याल रखती थीं। संजीव का बेटा अनिमेश और भांजा शौर्य भी बीती रात घर पर ही मौजूद था। दादा की देखभाल के लिए ही दोनों पोतियां उनके रूम के साथ वाले रूम में ही सोती थीं। बीती रात भी दोनों पोतियां दादा को खाना खिलाने के बाद सोयी थीं। पोता अनिमेश और शौर्य पहली मंजिल पर सोए थे।

दम घुटने से गई दो की जान
मौके के अलामात और शवों की हालत देखकर पुलिस का मानना है कि ग्राउंड फ्लोर में आग लगने के बाद सोफे और अन्य वस्तुओं में आग लगने से धुआं इतना फैला कि पहली मंजिल पर सोए अनिमेश और शौर्य अचेत हो गए और उनकी मौत हो गई। स्थानीय लोगों ने सभी को पास ही स्थित एक निजी अस्पताल में भर्ती भी कराया था, लेकिन चिकित्सकों ने एक-एक कर सभी को मृत घोषित कर दिया। सभी के शवों को कांवटिया अस्पताल में रखा गया है।

jan sangathan

Media/News Company

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